कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन 2021: Kusum Yojana Registration, एप्लीकेशन फॉर्म PDF

Rajasthan Kusum Yojana Application Form PDF | राजस्थान सोलर पंप योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन | Kusum Scheme Apply Online | राजस्थान कुसुम योजना हेतु आवेदन पत्र | कुसुम पंप वितरण स्कीम


नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको राजस्थान कुसुम योजना 2021 के बारे में बताने जा रहे हैं। इस योजना को राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले सोलर पंप सरकार द्वारा दिए जाएंगे। इस योजना को शुरू करने देश के किसानों को आर्थिक रूप से फायदा हो रहा है। आज हम आपको अपनी इस पोस्ट के माध्यम से राजस्थान कृषि योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जैसे; कुसुम योजना क्या है, इसका उद्देश्य, लाभ तथा विशेषताएं, जरूरी पात्रता व दस्तावेज तथा आवेदन प्रक्रिया आदि के बारे में बताने जा रहे हैं। अतः आपसे निवेदन है कि इस पोस्ट को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें और Rajasthan Kusum Yojana का लाभ उठाएं।

Kusum Yojana 2021 Rajasthan

आपको बता दें कि KUSUM पूरा नाम “किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान योजना” है। इसका उद्देश्य भारत में किसानों के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, साथ ही गैर-जीवाश्म-ईंधन स्रोतों से बिजली की स्थापित क्षमता की हिस्सेदारी को 40% तक बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का सम्मान करना है। राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (आईएनडीसी) के हिस्से के रूप में 2030 तक है। कुसुम योजना कृषि के विकास और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समर्पित है।

भारत सरकार ने कृषि के लिए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं क्योंकि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार के सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है। कई के बीच नवीनतम कृषि विकास योजना Kusum Yojana है जिसे 2019 में भारत में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। यह योजना अन्य नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के साथ-साथ सौर सिंचाई पंप स्थापित करने के लिए किसानों को समायोजित करती है। कुसुम योजना के तहत सहायता सब्सिडी के रूप में प्रदान की जाती है।

Kusum Yojana in Rajasthan

New Update of Kusum Yojana 2021

राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 17.5 लाख डीज़ल पम्पो और 3 करोड़ कृषि उपयोगी पम्पो को आने वाले दस सालो में सोलर पम्प में बदल दिया जायेगा। सरकार द्वारा शुरू की गई योजना राज्य के किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में सोलर पंप लगाने के लिए और सोलर उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रारंभिक बचत ₹50 हजार  का किया गया है। कुसुम योजना के अंतर्गत बजट 2021-22 में प्रदेश के 20 लाख से ज्यादा किसानों को सोलर पंप लगाने में सरकार द्वारा मदद की जाएगी।

राजस्थान किसान कर्ज माफी लिस्ट 2021

कुसुम योजना के अंतर्गत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

राजस्थान कुसुम योजना २०२१ के अंतर्गत राज्य के किसान ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए भूमि लीज पर देने के लिए इसके अंतर्गत आवेदन किया जा सकता है। राज्य के सभी किसान जिन्होंने अपनी भूमि लीज पर देने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है उनकी सूची राज्य सरकार द्वारा आरआरईसी की ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। राजस्थान राज्य के सभी नागरिक जो सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए भूमि लीज पर लेना चाहते हैं। उन आवेदकों की सूची राजस्थान की ऑफिसियल वेबसाइट आरआरईसी पर देख सकते हैं। इसके बाद, किसान पंजीकृत आवेदकों से संपर्क कर सौर ऊर्जा यंत्र लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। Kusum Yojana का लाभ केवल प्रदेश के किसानों के लिए है।

अगर आप राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन करते हैं तो आपको सभी दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि आवेदन कर्ता ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करता है तो उसको सरकार द्वारा एक एप्लीकेशन आईडी नंबर दिया जाएगा। लाभार्थी को ऑनलाइन आवेदन की स्थिति में आवेदन पत्र के प्रिंट-आउट को अपने पास सुरक्षित रखना है। यदि लाभार्थी करता है तो उसको सरकार द्वारा एक रसीद दी जाएगी। जिसे आवेदनकर्ता को संभाल कर रखना है।

Kusum Yojana हेतु आवेदन शुल्क

यदि आप राजस्थान सरकार की कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन करते हैं तो आपको सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए ₹5000 प्रति मेगा वार्ड 10 जीएसटी की दर से आवेदन शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। लाभार्थी द्वारा जो भी भुगतान किया जाएगा वह भुगतान प्रबंध निर्देशक राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के नाम से डिमांड ड्राफ्ट के रूम में जमा किया जाएगा। 0.5 मेगावाट से लेकर 2 मेगावाट तक के लिए आवेदन शुल्क नीचे बताया गया है।

मेगा वाटआवेदन शुल्क
0.5 मेगावाट₹ 2500+ जीएसटी
1 मेगावाट₹5000 + जीएसटी
1.5 मेगावाट₹7500+ जीएसटी
2 मेगावाट₹10000+ जीएसटी

Brief Details of Kusum Yojana 2021

विषयकुसुम योजना
शुरू करने का श्रेयराजस्थान सरकार
कृषि वर्ष2021-2022
उद्देश्यसौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराना
लाभार्थीराज्य के सभी किसान
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन तथा ऑफलाइन
ऑफिसियल वेबसाइटयहां क्लिक करें
लेख श्रेणीराज्य सरकार योजना

Estimating Financial Resources

1st) किसान द्वारा प्रोजेक्ट लगाने पर:

सौर ऊर्जा संयंत्र की क्षमता1 मेगावाट
अनुमानित निवेश3.5 से 4.00 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट
अनुमानित वार्षिक विद्युत उत्पादन17 लाख यूनिट
अनुमानित टैरिफ₹3.14 प्रति यूनिट
कुल अनुमानित वार्षिक आय₹5300000
अनुमानित वार्षिक खर्च₹500000
अनुमानित वार्षिक लाभ₹4800000
25 वर्ष की अवधि में कुल अनुमानित आय12 करोड़ रुपया

2nd) किसान द्वारा भूमि लीज पर देने पर:

1 मेगावाट हेतु भूमि की आवश्यकता2 हेक्टेयर
प्रति मेगावाट विद्युत उत्पादन17 लाख यूनिट
अनुमति लीज रेंट1.70 लाख से 3.40 लाख

राजस्थान कुसुम योजना का उद्देश्य क्या है?

आप सभी को पता है कोरोनावायरस (COVID-19) महामारी की वजह से देश की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। इस महामारी की वजह से देश के नागरिकों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देश का हर नागरिक जैसे मजदूर, किसान, व्यापारी आदि सभी आर्थिक रूप से परेशान हैं। देश के लोगों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार मिलकर निरंतर लोगों की परेशानी दूर करने के लिए प्रयास कर रही हैं। देश के कई ऐसे राज्य हैं जहां सूखा पड़ जाता है और वहां खेती करने के लिए किसानों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने Kusum Yojana 2021 को शुरू किया है। कुसुम योजना को शुरू करने का उद्देश्य देश के किसानों को बिजली मुफ्त देना है। जिससे किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पैनल की सुविधा सरकार द्वारा उपलब्ध की जा सके। राजस्थान कुसुम योजना को शुरू करने से प्रदेश के नागरिकों को दोहरा फायदा होगा। पहला राज्य के किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी , दूसरा किसान अधिक बिजली बनाकर ग्रिड को भेजेंगे जिससे उन्हें बिजली की अच्छी कीमत मिलेगी। राजस्थान की गहलोत सरकार का लक्ष्य Kusum Yojana के अंतर्गत राज्य के किसानों की आय को दोगुना करना है।

Rajasthan Kusum Yojana Cost & Income

  • आने वाले समय में लगभग 20 लाख किसानों को इस कुसुम सोलर योजना के तहत कवर किया जाएगा।
  • सोलराइज वाटर पंप कुसुम कार्यक्रम के माध्यम से सरकार के 2022 तक
  • किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा।
  • पहले कुसुम योजना के तहत लगभग 17.5 लाख किसानों को कवर करने का लक्ष्य था।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुल लागत का केवल 10% ही भुगतान करना होगा।
  • राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई कुसुम योजना सौर ऊर्जा योजना
  • किसानों को सब्सिडी के रूप में 30% राशि और किसानों को ऋण के रूप में 30% राशि प्रदान की जाएगी।
  • राजस्थान में कुसुम के तहत किसानों के लिए मेगावाट पैमाने पर सौर,
  • जमींदार को रुपये तक की आय प्राप्त हो सकती है। 60000 से रु.
  • अगले 25 वर्षों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करके प्रति वर्ष 100000।
  • कुसुम योजना से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि 30,800 मेगावाट
  • अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी किया जा सकेगा।

कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को लाभ

राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई Kusum Yojana 2021 के माध्यम से राज्य के किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। इस योजना के माध्यम से किसान अपने खेतों में सोलर सिस्टम लगा कर सौर ऊर्जा पंपसेट की सहायता से अच्छे से सिंचाई कर रहे हैं। इस योजना को शुरू करने से किसान की आय में वृद्धि हो रही है। अब किसानों को सिंचाई करने में आसानी होगी। 30% धनराशि का अनुदान किसानों की इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है तथा 30% अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जा रहा है। इसके साथ ही 30% धनराशि नाबार्ड द्वारा दी जा रही है। शेष 10% राशि किसानों के द्वारा जमा करवाकर सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

इस कुसुम योजना के अंतर्गत 3 से 7. 5 एचपी के पम्पसेट सरकार द्वारा लगाए जा रहे हैं। 3 एचपी के लिए 20 हजार 549 रुपए, 5 एचपी के 33 हजार 749 रुपए एवं 7.5 एचपी के लिए 46 हजार 687 रुपए की राशि डिमांड के रूप में किसानों द्वारा जमा की जाएगी। तभी किसान अपने खेतों में आसानी से सिंचाई के लिए पंपसेट लगवा पाएंगे। राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत प्रदेश के जो भी किसान अपने खेतों में सौर ऊर्जा सिस्टम लगवाना चाहते हैं। उसके लिए उन्हें नगद भुगतान करने की जरूरत नहीं है।

सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना की अवधि

Rajasthan Kusum Yojana के अंतर्गत किसान द्वारा आवेदन करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा एसपीजी को सौर ऊर्जा यंत्र स्थापना करने के लिए लेटर ऑफ ऑथराइजेशन सरकार द्वारा जारी किया जाएगा। सरकार द्वारा लेटर ऑफ ऑफ ऑथराइजेशन जारी करने की तिथि से 9 महीने के अंदर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना जरूरी है। यदि इस अवधि के दौरान सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं किया गया तो सरकार द्वारा आपको नोटिस जारी कर दिया जायेगा जिसके बाद, आपको पेनल्टी भरनी पड़ेगी। किसान द्वारा वह पीपीए की शर्तों के अनुसार भरनी पड़ेगी।

राज्य सरकार के अनुसार पीपीए अवधि के दौरान सौर ऊर्जा संयंत्र द्वारा कम से कम 15% वार्षिक कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर बनाए रखना अति आवश्यक है। यदि कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर 15% से कम पाया जाता है तो इस स्थिति में आपको छतिपूर्ति देनी पड़ेगी। यदि एसपीजी द्वारा जमा किए गए दस्तावेज गलत पाए जाते हैं तो आवेदन किसी भी स्तर पर सरकार द्वारा मन नहीं किया जाएगा।

Kusum Yojana स्थापित किये गए ऊर्जा सयंत्र

सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों को कुसुम योजना के अंतर्गत सैकड़ों ऊर्जा यंत्र बांटे गए है। राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसमें किसानों की चयन प्रक्रिया प्रदेश के राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा जी के द्वारा बताया गया है कि निगम द्वारा कुसुम योजना के प्रथम चरण में वितरण निगमों के 33.11 के.वी. सब-स्टेशनों पर किसानों से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिसके प्रदेश के किसानों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया। लगभग 674 किसानों ने 815 मेगावॉट क्षमता के आवेदन कुसुम योजना के अंतर्गत किए गए हैं। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार 623 किसानों को 722 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करनेे की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

जन आधार कार्ड राजस्थान रजिस्ट्रेशन 2021

कुसुम योजना के कॉम्पोनेंट्स क्या-क्या है?

राजस्थान कुसुम योजना के चार कॉम्पोनेंट है, जिनके बारे में नीचे बताया गया है:

  1. Solar Pump Delivery: – कुसुम योजना के प्रथम चरण के दौरान केंद्र सरकार के विभागों के साथ मिलकर बिजली विभाग, सौर ऊर्जा संचालित पंप के सफल वितरण किए जा चुके हैं।
  2. Solar power factory: – सौर ऊर्जा कारखानों का निर्माण कियागया है जो पर्याप्त मात्रा में बिजली का उत्पादन करने की क्षमता रखते हैं।
  3. Installation of tube wells: – सरकार द्वारा ट्यूबवेल की स्थापना की जाएगी जो कि कुछ निश्चित मात्रा में बिजली उत्पादन करेंगे।
  4. Modernization of Existing Pumps: – वर्तमान पंपों का आधुनिकरण भी किया जाएगा कथा पुराने पंपों को नए सौर पंपो से बदला जाएगा।

Kusum Yojana 2021 के पहले ड्राफ्ट के अंतर्गत यह प्लांट्स बांझ क्षेत्रों में लगाए जाएंगे जो 28,000 मेगावाट बिजली उत्पादन करने में सक्षम है। प्रथम चरण में राज्य सरकार द्वारा 17.5 लाख सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त बैंक किसानों को लोन के रूप में कुल खर्च का 30% अतिरिक्त दिया जाएगा। किसानों को केवल अग्रिम लागत ही खर्च करना पड़ेगा।

राजस्थान कुसुम योजना के तहत भूमि की लीज

Rajasthan Kusum Yojana के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना विकासकर्ता द्वारा की जाएगी। इस कंडीशन में जमीन के मालिक तथा विकासकर्ता द्वारा लीज रेट किराया तय किया जाना जरूरी है। जिसके बाद, विकासकर्ता को जमीन के मालिक को जो भी निर्धारित की गई है। उसका रेंट देना होगा। विकास कर्ता द्वारा जो भी रेंट दिया जाएगा, वह जमीन मालिक के खाते में सीधे जाएगा। सरकार द्वारा या रेंट रुपए प्रति एकड़ एवं भूमि से उत्पादित बिजली की रुपए प्रति यूनिट के रूप में निर्धारित किया गया है। विकासकर्ता और जमीन के मालिक द्वारा लीज रेंट आपसी सहमति से निर्धारित किया जाएगा। विकासकर्ता द्वारा यदि जमीन का लीज रेंट नहीं देता है तो वितरण निगम उक्त अनुबंध की इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

धरोहर राशि एवं प्रोजेक्ट निष्पादन सुरक्षा धनराशि

राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत लाभार्थी द्वारा स्वयं की पूंजी से सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है। आवेदक द्वारा इस स्थिति में धरोहर राशि ₹100000 प्रति मेगावाट की दर से जमा की जाएगी। यह धनराशि प्रबंधक निर्देशक अध्यक्ष ऊर्जा निगम के पक्ष के रूप में लाभार्थी द्वारा डिमांड ड्राफ्ट एवं बैंक गारंटी के रूप में देना होगा। इस स्थिति में बैंक गारंटी की वैधता 6 महीने तक रहेगी। जो भी आवेदक में सफल होंगे उनके पीपीए साइन करने के बाद राशि 15 दिन में लौटा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए ₹500000 प्रति मेगावाट की दर से प्रोजेक्ट वर्क राशि जमा करनी पड़ेगी। यह राशि भी प्रबंधक निर्देशक के अध्यक्ष के पास बैंक गारंटी के रूप में जमा कर दी जाएगी। इस राशि की 15 महीने रहेगी। प्रोजेक्ट चालू होने के बाद, 30 दिन के अंदर इस राशि को लौटा दिया जाएगा।

Kusum Yojana के कार्यान्वयन के अंतर्गत राजस्थान पहले नंबर पर

आप सभी को पता है कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा कार्यान्वयन के अंतर्गत राजस्थान देश में पहले नंबर पर है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना है। Kusum Yojana 2021 दिन में बिजली बढ़ाने के लिए और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किसानों के प्रति लाभकारी साबित हो रही है। प्रधानमंत्री कुशल कंपोनेंट के योजना के अंतर्गत राजस्थान के रायपुर जिले कोटपूतली तहसील में बलोची गांव में प्रथम सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था। जिसके लिए लगभग सरकार द्वारा 3.70 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। कुसुम परियोजना को 3.50 एकड़ भूमि पर राजस्थान के किसान देवकरण यादव द्वारा स्थापित किया था।

सरकार का कुसुम योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष लक्ष्य

  • इस योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा उत्पादन राजस्थान सरकार द्वारा किया गया था।
  • सरकार द्वारा हर वर्ष 17 लाख यूनिट उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
  • कुसुम योजना के अंतर्गत 623 किसानों का चयन किया जा चुका है।
  • 722 मेगावाट क्षमता कि परियोजना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी किया गया है।
  • 623 किसानों में से 201 किसान योजना सुरक्षा राशि जमा कर चुके हैं।
  • 197 विद्युत क्रम एमओयू के अंतर्गत साइन किया है।
  • 2021-22 के अनुसार सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 2600  मेगा वाट उत्पादन का प्रारंभिक लक्ष्य रखा गया है.

Beneficiaries of Kusum Yojana

  1. राज्य के सभी छोटे व सीमांत किसान
  2. किसानों का समूह
  3. सहकारी समितियां
  4. पंचायत
  5. किसान उत्पादक संगठन
  6. जल उपभोक्ता एसोसिएशन

राजस्थान सोलर पम्प स्कीम 2021

भारत सरकार ने किसानों को उनके खेतों में सौर सिंचाई पंप (एसआईपी) के साथ सब्सिडी देने के लिए कुसुम (किसान ऊर्जा सुरक्षा और उहान महाभियान) नामक एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, सरकार एक किसान को अपनी जमीन पर पंप सेट और ट्यूबवेल स्थापित करने के लिए 60% सब्सिडी प्रदान करेगी। राजस्थान कुसुम सोलर पंप योजना को बढ़ावा देने के लिए देश के वित्त मंत्री द्वारा 2021-22 बजट पेश करते हुए कहा 15 लाख किसानो ग्रिड से जुड़े सोलर पंप लगाने के लिए सरकार द्वारा धनराशि दी जा रही है। जिससे किसान अपनी बंजर भूमि सौर ऊर्जा लगाकर बिजली उत्पादन कर सकें। राजस्थान के किसान बिजली उत्पादन कर बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प रखा गया है। राज्य के जो भी उम्मीदवार इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं। तो वह इस योजना के अंतर्गत जल्दी से आवेदन करें।

कुसुम योजना के तहत सोलर पंप

Rajasthan Kusum Yojana के अंतर्गत कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने जयपुर के निकट झोटवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में कापड़ियावास गांव में 7.5 एचपी क्षमता के पहले अनुदानित सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र की शुरुआत की थी। राजस्थान के कापड़ियावास गांव में 7.5 एचपी क्षमता के पहले अनुदानित सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र आरंभ किया गया था। भारत के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने किसानों को उनके खेतों में सौर सिंचाई पंप (एसआईपी) के साथ सब्सिडी देने की योजना शुरू की है।

इस योजना से किसानों को अपने ट्यूबवेल के लिए बिजली पैदा करने में मदद मिलेगी। इस योजना का लक्ष्य 2022 तक 25,750 मेगावाट की सौर और अन्य नवीकरणीय क्षमता को कुल केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ कार्यान्वयन एजेंसियों को सेवा शुल्क सहित 34,422 करोड़ रुपये है। सौर पंप न केवल खेतों की सिंचाई में मदद करेंगे, बल्कि सुरक्षित ऊर्जा पैदा करने में भी मदद करेंगे। किसान बिजली आपूर्ति कंपनियों को अतिरिक्त बिजली भी बेच सकते हैं। इससे उन्हें अपने लिए अतिरिक्त आय उत्पन्न करने में मदद मिलेगी।

Important Details related to Kusum Yojana

  • इस योजना के अंतर्गत प्लांट की कुल लागत का 30% राशि केंद्र सरकार देगी।
  • कुसुम योजना के अंतर्गत प्लांट की कुल लागत का 30% राशि राज्य सरकार देगी।
  • इसके अतिरिक्त 30% राशि कृषि उपभोक्ताओं को लोन के रूप में  बैटिंग संस्थान द्वारा फाइनेंस करवाए जाएंगे।
  • किसानों को केवल 10% राशि ही देनी होगी।
  • बिजली उत्पादन होने पर बची हुई बिजली को किसान द्वारा बेचा भी जा सकता है।
  • आवेदन कर्ता के पास आवेदन के समय आधार कार्ड एवं बैंक खाता होना अनिवार्य है।
  • राज्य सरकार द्वारा लाभार्थी के खाते में सब्सिडी की राशि भेजी जाएगी।
  • किसान, डिस्कॉम एवं बैंक के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट साइन किया जाएगा।
  • किसान द्वारा बेची गई बिजली की कमाई को दो हिस्सों में बांटा जाएगा।
  • पहला हिस्सा उपभोक्ता का एवं दूसरा हिस्सा लोन की किस्त का होगा।
  • Kusum Yojana के माध्यम से किसानों तक बिजली पहुंचेगी तथा बंजर जमीन से पैसे कमाए जा सकेंगे।

राजस्थान Kusum Solar Pump की विशेषताएं 

केंद्रीय बजट 2021-22 ने महत्वाकांक्षी किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान योजना (KUSUM) के तहत खेती के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग पर एक बड़ा जोर दिया है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए लक्ष्यों के साथ योजना के कार्यान्वयन का विस्तार किया है।

“मैं 20 लाख किसानों को स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित करने की अनुमति देने के लिए योजना का विस्तार करने का प्रस्ताव करता हूं। साथ ही 15 लाख किसानों को उनके ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को सोलराइज करने में मदद की जाएगी। इसके अलावा, यह योजना किसानों को परती और बंजर भूमि पर ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित करने की अनुमति देगी, ”सीतारमण ने संसद में अपने बजट भाषण में कहा।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफ-ग्रिड सौर पंपों की स्थापना और ग्रिड से जुड़े क्षेत्रों में ग्रिड पर निर्भरता को कम करने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा पीएम-कुसुम योजना शुरू की गई थी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने फरवरी 2019 में वित्तीय और जल सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से योजना के शुभारंभ को मंजूरी दी थी।

प्रदेश के अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा कुसुम योजना के अंतर्गत 0.5 मेगा वाट से लेकर 2 मेगा वाट तक के सोलर पंप बांटे गए हैं। राजस्थान कुसुम योजना के अंतर्गत जो किसान ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं या आवेदन पत्र भरकर ऑफलाइन माध्यम से कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लेना चाहते हैं। वह हमारी इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें और योजना का लाभ लें।

Benefits of Kusum Yojana

कुसुम योजना के तहत लाभों की सूची निम्नलिखित है:

  1. किसानों को अतिरिक्त बिजली सीधे सरकार को बेचने का विकल्प प्रदान किया जाएगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय में मदद मिलेगी।
  2. सरकार ने सौर ऊर्जा पैदा करने वाले संयंत्रों के निर्माण की भी पहल की है। मसौदे के अनुसार, ये संयंत्र कुल 28,250 मेगावाट बिजली पैदा करने में सक्षम हैं। सौर ऊर्जा संयंत्रों के अलावा, सरकार 720 मेगावाट की क्षमता वाले डीजल पंपों के साथ नए सौर पंपों की दिशा में काम कर रही है।
  3. यह योजना किसानों को सोलर पंप लगाकर अतिरिक्त पैसा कमाने का अवसर भी प्रदान करती है। अतिरिक्त उत्पन्न ऊर्जा की मात्रा सरकार को बेची जा सकती है।
  4. इस नए और बेहतर सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों पर हर किसान को भारी सब्सिडी मिलेगी। इस उद्देश्य के लिए किसानों को कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत ही जुटाना होगा।
  5. केंद्र सरकार सौर पंप की कुल लागत पर पात्र किसानों को 60% सब्सिडी प्रदान करेगी, और शेष 30% लागत बैंकों द्वारा क्रेडिट के रूप में प्रदान की जाएगी। सौर ऊर्जा और सौर संयंत्रों से बिजली के बढ़ते उपयोग से खेत में प्रदूषण का स्तर कम होगा।
  6. कुसुम योजना का लाभ देश के सभी किसान ले सकते है। सरकार द्वारा रियायती मूल्य पर सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन सरकार द्वारा किया जा रहा है|

Eligibility Criteria for Kusum Yojana

  • आवेदनकर्ता भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • योजना के अंतर्गत 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए
  • लाभार्थी अपनी भूमि के अनुपात में 2 मेगावाट क्षमता के लिए आवेदन कर सकता है।
  • सरकार के अनुसार प्रति मेगावाट के लिए लगभग 2 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।
  • कुसुम योजना में प्रोजेक्ट निवेश करने के लिए कोई भी वित्तीय योग्यता की जरूरत नहीं है।

योजना हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची

  • आवेदक के पास आधार कार्ड होना अति आवश्यक है।
  • लाभार्थी के पास राशन कार्ड होना जरूरी है।
  • आवेदनकर्ता के पासरजिस्ट्रेशन की कॉपी होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास ऑथराइजेशन लेटर होना जरूरी है।
  • लाभार्थी के पास जमीन की जमाबंदी की कॉपी होना अति आवश्यक है।
  • आवेदक के पास चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
  • लाभार्थी के पास मोबाइल नंबर होना चाहिए।
  • आवेदनकर्ता के पास बैंक खाता विवरण होना अति आवश्यक है।
  • साथ ही आवेदक के पास पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ होना जरूरी है।

Kusum Yojana Online Application Process

राजस्थान राज्य के इच्छुक लाभार्थी कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो कृपया करके नीचे दी गई स्टेप को फॉलो करें:

  1. सबसे पहले आप राज्य की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  2. अब वेब होमपेज पर आपको पंजीकरण हेतु Online Registration के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  3. आवेदन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम, पता, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, आदि दर्ज करें।Rajasthan Kusum Yojana Online Application Form
  4. सभी जानकारी सटीक भरने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करें।
  5. सफल रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको चयनित लाभार्थी को सौर पंप सेट की 10 पर्सेंट लागत देनी होगी।
  6. कुछ दिनों के बाद, आप के खेत में सरकार द्वारा सोलर पंप लगा दिया जाएगा।

कुसुम योजना में आवेदन की लाभार्थी सूची कैसे देखें?

  • आपको सबसे पहले राजस्थान कुसुम योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • अब आप कुसुम के लिए पंजीकृत आवेदनों की सूची वाले विकल्प पर क्लिक करे।Rajasthan Kusum Yojana Beneficiary List
  • क्लिक करते ही आपके सामने चयनित आवेदकों की सूची आ जाएगी।
  • इस प्रकार आप कंप्यूटर स्क्रीन पर किसी भी व्यक्ति का नाम आसानी से देख सकते हैं।

Contact Details (Helpline Number)

हमने आपको अपनी इस पोस्ट के माध्यम से Rajasthan Kusum Yojana 2021 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे; राजस्थान कुसुम योजना क्या है, इसका उद्देश्य, लाभ तथा विशेषताएं, आवश्यक दस्तावेज तथा आवेदन प्रक्रिया आदि के बारे में बता दिया है। यदि आपको अभी भी किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो आप राजस्थान कुसुम हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

  • हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-3333
  • संपर्क नंबर: (011) 2436-0707 / 2436-0404

Rajasthan Sampark Portal Helpline Number

राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गयी अन्य योजनाओं की सूची 2021-22

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top