किसान कृषि बिल क्या है: क्यों कर रहे है किसान आंदोलन – Kisan Krishi Bill 2021 PDF In Hindi

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देश में किसान कृषि विधेयक २०२० का जबरदस्त विरोध हो रहा है। खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान भाई Kisan Bill 2020 का पूरे एक महीने से विरोध कर रहे हैं और आज यानि 08/12/2020 को किसानों ने भारत बंद का ऐलान किया है। आखिर आपके मन में भी यह सवाल आया होगा कि क्यों देश का किसान इस बिल का विरोध कर रहें हैं, तो आप बिलकुल सही जगह आए हैं। यहाँ हम आपको कृषि विधेयक 2020: किसान बिल 2020 PDF In Hindi Download | Agriculture Farm Bill PDF की पूरी जानकारी प्रदान करेंगे। कृपया इसके लिए अंत तक बने रहें।

जैसे की आपको मालूम होगा कि देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक लोक सभा से पारित हो गए हैं। ये हैं- “कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020’’ तथा “कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020’’। इन विधेयकों के विषय में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इनके माध्यम से अब किसानों को कानूनी बंधनों से आजादी मिलेगी, वहीं उन्होंने पुनः स्पष्ट किया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बरकरार रखा जाएगा तथा राज्यों के अधिनियम के अंतर्गत संचालित मंडियां भी राज्य सरकारों के अनुसार चलती रहेगी। श्री तोमर ने कहा कि विधेयकों से कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आएगा, खेती-किसानी में निजी निवेश से होने से तेज विकास होगा तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होने से देश की आर्थिक स्थिति और सुदृढ़ होगी।

Agriculture Farmers Bill 2020 PDF Download In Hindi-English

किसान कृषि बिल क्या है, क्यों कर रहे है किसान आंदोलन?

कोरोना वायरस (COVID-19) की परिस्थितियों के कारण, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गत 5 जून को तत्संबंधी अध्यादेश स्वीकृत किए थे। इन अध्यादेशों को विधेयक के रूप में लोक सभा में प्रतिस्‍थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने प्रस्ताव रखे थे, जिन पर चर्चा के बाद लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने इन्हें पारित घोषित किया। आपको बता दें कि इन्ही “कृषि विधेयक 2020” का किसान जोर-शोर से विरोध कर रहें हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार इस किसान बिल 2020 के माध्यम से पूंजीपतियों को लाभ देगी और किसानों से MSP भी छीन ली जाएगी। Kisan Krishi Bill 2020 PDF In Hindi & English Download – Agriculture Farm Bill PDF की पूरी जानकारी नीचे खंड में देखें।

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मोदी सरकार का Kisan Krishi Bill 2021 पर मत

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कहा है कि देश किसानों को विपणन के विकल्प देकर उन्हें सशक्त बनाएगा। कांग्रेस ने भ्रम फैलाने की कोशिश की है कि MSP पर उपार्जन खत्म हो जाएगा, जो कि पूर्णतः असत्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों को आय समर्थन के लिए PM-Kisan Yojana लागू की। इसके साथ ही श्री तोमर ने कहा कि किसानों के पास मंडी में जाकर लाइसेंसी व्यापारियों को ही अपनी उपज बेचने की विवशता क्यों, अब किसान अपनी मर्जी का मालिक होगा। करार कृषि विधेयक 2020 अधिनियम से कृषक सशक्त होगा व समान स्तर पर MNC, बड़े व्यापारी आदि से करार कर सकेगा तथा सरकार उसके हितों को संरक्षित करेगी।

किसानों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे, निश्चित समयावधि में विवाद का निपटारा एवं किसान को भुगतान सुनिश्चित होगा। किसान हमेशा जंजीरों में जकड़ा रहा, जिसके कारण खेती कभी उसकी पसंद का प्रोफेशन नहीं बनी, अब खेती करना और लाभदायक होगा। निवेश बढ़ने से जो अनाज पहले खराब हो जाता था, अब नहीं होगा। उपभोक्ताओं को भी खेत/किसान से सीधे उत्पाद खरीदने की आजादी मिलेगी। कोई टैक्स न लगने से किसान को ज्यादा दाम मिलेगा व उपभोक्ता को भी कम कीमत पर वस्तुएं मिलेगी।

केंद्र सरकार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मत

साथ ही केंद्रीय मंत्री श्री तोमर श्री तोमर ने बताया कि उत्‍पादन लागत का न्‍यूनतम डेढ़ गुना समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करने के लिए केंद्रीय बजट वर्ष 2018-19 में की गई घोषणा के अनुसरण में, सरकार ने वर्ष 2018-19 से सभी अधिदेशित फसलों की एमएसपी में वृद्धि की थी, जिसमें अखिल भारतीय औसत उत्‍पादन लागत के कम से कम 50 प्रतिशत लाभ की व्‍यवस्‍था है। मोटे अनाज, दलहन एवं खाद्य तेलों की एमएसपी उच्‍चतर स्‍तर पर निर्धारित (किसान बिल २०२०) की गई है, ताकि किसानों को और अधिक दलहन, मोटे अनाज एवं खाद्य तेलों के उत्‍पादन के लिए प्रोत्‍साहित किया जा सकें। इससे अधिकांश फसलों की बुवाई में महत्‍वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। किसानों को दलहन एवं तिलहन की खरीद के लिए पिछले वर्ष में किए गए एमएसपी भुगतान 8,715 करोड़ रुपये की तुलना में इस वर्ष कुल 14,120 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें 62% की वृद्धि हुई हैं। खरीदे गए दलहन की मात्रा में ढ़ाई गुना वृद्धि हुई, जिसमें पिछले वर्ष रबी सीजन के 8.7 एलएमटी की तुलना में इस वर्ष लॉकडाउन (Lockdown) के होने के बाद भी 21.55 एलएमटी खरीद की गई।

इसी प्रकार, रबी-2020 के सीजन की 8 अगस्त 2020 तक 3.9 करोड़ एमटी गेहूं की खरीद की गई, जिसके लिए किसानों को 75,000 करोड़ रुपये एमएसपी का भुगतान किया गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 3.4 करोड़ एमटी गेहूं की खरीद एमएसपी पर 63,000 करोड़ रुपये में की गई थी। इसके अतिरिक्‍त 1.32 करोड़ एमटी धान की खरीद 24,000 करोड़ रुपये का भुगतान करके की गई, जबकि पिछले वर्ष 0.86 करोड़ एमटी धान की खरीद 14,800 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्‍य में की गई थी। रबी सीजन में 8 अगस्त 2020 तक गेहूं, धान, दलहन एवं तिलहन की कुल MSP 1,13,290 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि पिछले वर्ष 86,805 करोड़ रुपये एमएसपी का भुगतान किया गया था। इस प्रकार, इस वर्ष 31% ज्यादा एमएसपी – न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान किया गया।

Kisan Bill 2020 PDF In Hindi Download

किसान बिल 2021 PDF In Hindi Download

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र को प्रोत्‍साहित करने पर जोर देने व व्‍यवस्‍थित समन्‍वय के फलस्‍वरूप पिछले वर्ष की ग्रीष्‍मकालीन/जायद सीजन के 41.31 लाख हैक्‍टेयर बुवाई क्षेत्र की तुलना में इस वर्ष बुवाई क्षेत्र बढ़कर 57.07 लाख हैक्टेयर हो गया। COVID-19 से हमारे देश सहित पूरी दुनिया के समक्ष कड़ी चुनौतियां आई हैं, तथापि भारत में कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जो हुई क्षति की रिकवरी के लिए देश की सहायता कर रहा है। यह सरकार का ‘’आत्‍मनिर्भर भारत की संकल्‍पना’’ तथा भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सकारात्‍मक कदम है। कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक एक इको-सिस्टम बनाएगा। इससे किसानों को अपनी पसंद के अनुसार उपज की बिक्री-खरीद की स्वतंत्रता होगी। वैकल्पिक व्‍यापार चैनल उपलब्ध होने से किसानों को लाभकारी मूल्य मिलेंगे, अंतरराज्‍यीय व राज्‍य में व्यापार सरल होगा। Farmers Bill 2020 PDF In Hindi Download का लिंक नीचे दिए गया है।

1 – Farmers Produce Trade and Commerce (Promotion and Simplification), Bill 2020

2 – Farmers (Empowerment and Protection) Agreement on Price Assurance and Agricultural Services Bill, 2020

Kisan Krishi Bill 2021 के प्रमुख लाभ

  • कृषि क्षेत्र में उपज खरीदने-बेचने के लिए किसानों व व्‍यापारियों को “अवसर की स्‍वतंत्रता”
  • Agriculture Ordinance 2020 लेन-देन की लागत में कमी,
  • मंडियों के अतिरिक्‍त व्यापार क्षेत्र में फार्मगेट, शीतगृहों, वेयरहाउसों, प्रसंस्‍करण यूनिटों पर व्‍यापार के लिए अतिरिक्‍त चैनलों का सृजन
  • किसानों के साथ प्रोसेसर्स, निर्यातकों, संगठित रिटेलरों का एकीकरण, ताकि मध्‍स्‍थता में कमी आएं
  • देश में प्रतिस्‍पर्धी डिजिटल व्‍यापार का माध्‍यम रहेगा, पूरी पारदर्शिता से होगा काम
  • अंततः किसानों द्वारा लाभकारी मूल्य प्राप्त करना ही उद्देश्य ताकि उनकी आय में सुधार हो सकें।

किसानों के हितों का संरक्षण

Kisan Krishi Bill 2021 में, किसानों के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था का प्रावधान है। भुगतान सुनिश्चित करने हेतु प्रावधान है कि देय भुगतान राशि के उल्लेख सहित डिलीवरी रसीद उसी दिन किसानों को दी जाएं। मूल्य के संबंध में व्यापारियों के साथ बातचीत करने के लिए किसानों को सशक्त बनाने हेतु प्रावधान है कि केंद्र सरकार, किसी भी केंद्रीय संगठन के माध्यम से, किसानों की उपज के लिए मूल्य जानकारी और मंडी आसूचना प्रणाली विकसित करेगी। कोई विवाद होने पर निपटाने के लिए बोर्ड गठित किया जाएगा, जो 30 दिनों के भीतर समाधान करेगा। इस विधेयक का उद्देश्‍य ढुलाई लागत, मंडियों में उत्‍पादों की बिक्री करते समय प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से लिए गए विपणन शुल्‍कों का भार कम करना तथा फसलोपरांत नुकसान को कम करने में मदद करना है। किसानों को उपज की बिक्री करने के लिए पूरी स्‍वतंत्रता रहेगी।

कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक में कृषि करारों पर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क का प्रावधान किया गया है, जो पारस्परिक रूप से सहमत लाभकारी मूल्‍य फ्रेमवर्क पर भावी कृषि उत्‍पादों की बिक्री व फार्म सेवाओं के लिए कृषि बिजनेस फर्मों, प्रोसेसर्स, एग्रीगेटर्स, थोक विक्रेताओं, बड़े खुदरा विक्रेताओं एवं निर्यातकों के साथ किसानों को जुड़ने के लिए सशक्‍त व संरक्षित करता है। राष्ट्रीय कृषि नीति में परिकल्पना की गई है कि “निजी क्षेत्र की भागीदारी को फार्मिंग एग्रीमेंट की व्यवस्था के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि उच्च प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, पूंजी प्रवाह व उत्पादित फसलों विशेषकर तिलहन, कपास व बागवानी के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराया जा सकें।” इसकी मुख्य विशेषताएं अनुबंधित किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज की आपूर्ति, सुनिश्चित तकनीकी सहायता, फसल स्वास्थ्य की निगरानी, ऋण की सुविधा व फसल बीमा की सुविधा उपलब्ध कराना हैं। farmers bill 2020 explained:

Farmer Agriculture Bill 2021 के प्रमुख लाभ

  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) समर्थन
  • उच्च और आधुनिक तकनीकी इनपुट
  • अन्य स्थानीय एजेंसियों के साथ साझेदारी में मदद
  • अनुबंधित किसानों को सभी प्रकार के कृषि उपकरणों की सुविधाजनक आपूर्ति
  • क्रेडिट या नकद पर समय से और गुणवत्ता वाले कृषि आदानों की आपूर्ति
  • शीघ्र वितरण/प्रत्येक व्यक्तिगत अनुबंधित किसान से परिपक्व उपज की खरीद
  • अनुबंधित किसान को नियमित और समय पर भुगतान
  • सही लॉजिस्टिक सिस्टम और वैश्विक विपणन मानकों का रखरखाव।

किसानों के हितों का संरक्षण

देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जिन्हें अपनी कम मात्रा की उपज को बाजारों में ले जाने और उसका अच्छा मूल्य प्राप्त करने में कठिनाई होती है। आमतौर पर, अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए वाहन क्षमता के अनुरूप पर्याप्त वजन न होने व बातचीत क्षमता की कमी के कारण किसानों को परिवहन लागत के लिए ज्यादा पेमेंट करना पड़ता है। ऐसी कठिनाइयों से किसानों को बचाते हुए अब खेत से उपज की गुणवत्ता जांच, ग्रेडिंग, बैगिंग व परिवहन की सुविधा मिल सकेगी। किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए किसानों को उनकी उपज के गुणवत्ता आधारित मूल्य के रूप में अनुबंधित भुगतान किया जाता है।

कृषि उपज के लिए करारों को बढ़ावा देने से इनकी उच्च गुणवत्ता तथा निर्धारित आमदनी की प्रक्रिया मजबूत होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न चरणों में कृषि को जोखिम से बचाना है। ये करार उच्च मूल्य वाली कृषि उपज के उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए उद्यमियों द्वारा निवेश को बढ़ाने तथा निर्यात को बढ़ावा देने में मददगार होंगे। कृषि समझौते के तहत विवाद होने पर सुलह व विवाद निपटान तंत्र भी काम करेगा।

New Agriculture Farm Bill 2021 के मुख्य प्रावधान क्या है?

  1. Kisan Krishi Bill 2020 में किसानों को फसल बेचने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। अब कोई भी किसान अपनी फसल को मंडी के बहार व्यापारी के पास बेच सकता है।
  2. इस बिल के तहत अब किसान अपने फसल को देश के किसी भी हिस्से में कहीं भी कभी भी बेच सकता है।
  3. किसानों को किसी भी प्रकार का कोई भी उपकर नहीं देना होगा। साथ ही बिल के अनुसार अब माल ढुलाई का खर्च भी देने की आवश्यकता नहीं है।
  4. नये किसान कृषि विधेयक 2020 के अनुसार किसानों को ई-ट्रेडिंग मंच प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से इलेक्ट्रोनिक निर्बाध व्यापार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  5. Kisan Krishi Bill के तहत मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता होगी।
  6. इस बिल के माध्यम से किसान और व्यापारी सीधे एक दूसरे जुड़ सकेंगे, जिससे बिचौलियों का लाभ समाप्त हो जाएगा।
  7. देश में कृषि सुधार के लिए दो महत्वपूर्ण विधेयक – (i) कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 (ii) कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020

Details of Kisan Krishi Bill 2021 PDF in Hindi Download

लेख प्रकार कृषि किसान बिल (कृषि विधेयक 2020 PDF)
Agriculture Farmers Bill 2020 PDF Download
बिल का पूरा नाम कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020
कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020
नवीनतम वर्ष 2020-2021
भाषा हिंदी / English
उद्देश्य फसल बेचने के लिए फ्री बाजार प्रदान करना
लाभार्थी देश के सभी लघु, माध्यम और सीमांत किसान
PIB की अधिसूचना यहाँ क्लिक करें
किसान कृषि बिल 2020 पीडीएफ इन हिंदी कृषि विधेयक 2020 HM-AgricultureBillsHindi PDF
Kisan Krishi Bill 2020 PDF in Hindi Agriculture Farm Bill 2020 PDF Download
Official Website http://agricoop.nic.in/agriculture-reforms

Download Kisan Krishi Bill 2020 PDF (Farmers Bill 2020)

Kisan Krishi Bill 2021 पर क्यों हो रहा है एमएसपी विवाद?

किसान बिल २०२० क्या है – जैसे कि हमने आपको ऊपर बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लाये गये नये कृषि बिल का जबरदस्त विरोध हो रहा है। पूरे देश में किसानों ने बिल के विरोध में प्रदर्शन किया है, खासकर पंजाब और हरियाणा के किसान भाइयों ने। कृषि बिल के विरोध में जहां एक और केंद्र सरकार में मंत्री रही हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया वहीं विपक्ष भी लगातार इस बिल का विरोध कर रहा है। साथ ही किसानों ने आज 8 दिसंबर 2020 को भारत बंद का ऐलान भी किया है।

  1. बिल को लेकर किसानों और विपक्ष का आरोप है कि इससे मंडी व्यवस्था समाप्त हो जायेगी और किसानों को फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल पायेगी।
  2. किसान संगठनों का आरोप है कि कृषि विधेयक बिल 2020 किसानों के हित में नहीं है। इस बिल से किसानों के खेतों और मंडियों में बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों का कब्जा हो जाएगा।
  3. जबकि सरकार का दावा है कि कृषि में लाए जा रहे बदलावों से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, और बिचौलिए खत्म होंगे।
  4. इससे सबसे ज्यादा फायदा छोटे किसानों को होगा और किसान अब मंडी से बाहर भी अपना सामान ले जाकर बेच सकते हैं।
  5. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जी बार-बार यह कह रहे हैं कि एमएसपी और मंडी व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी।
  6. परन्तु इसे लेकर किसान संगठन यह चाहते है कि सरकार इसका कानून बना दें। किसान चाहते है कि सरकार MSP को लेकर कोई ठोस कानून बना दें, जिससे किसान मंडी या उसके बाहर सरकार द्वारा तय एमएसपी पर अपना उत्पाद बेच पायें, जिससे किसानों को kisan krishi bill 2020 से फायदा हो।
  7. लोकसभा में इसे लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिहं तोमर ने भी कहा था कि एमएसपी भी रहेगा और कृषि मंडियां भी रहेंगी।

महत्वपूर्ण सूचना

अब बिल की मुख्य बातों पर गौर कर करें तो बिल कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 है जो एक ऐसा क़ानून होगा जिसके तहत किसानों और व्यापारियों को MSP की मंडी से बाहर फ़सल बेचने की आज़ादी होगी। इसे लेकर सरकार कह रही है कि मंडियां बंद नहीं हो रही है। सिर्फ किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था दी जा रही है जिसके तहत वह किसी भी खरीदार को अच्छे दाम पर अपनी फसल बेच सकता है। अब देखना यह है कि किसान आंदोलन कहा तक जाता है और केंद्र सरकार इस विवादित Kisan Krishi Bill 2021 पर आखरी क्या फैसला लेती है। कृपया अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर व्यक्त करें। 

1 thought on “किसान कृषि बिल क्या है: क्यों कर रहे है किसान आंदोलन – Kisan Krishi Bill 2021 PDF In Hindi”

  1. rahne de bhai samjhaane ka koi fayda nahi hai inko.. har chiz future tense main chal rahi hai inki…

    370 /35A – कश्मीरियत चली जाएगी,
    तीन तलाक- बीवी चली जाएगी
    पोलियो नहीं पीयेगे- जवानी चली जाएगी
    CAA- नागरिकता चली जाएगी
    Corona vaccine – मर्दानगी चली जाएगी
    Kisan बिल – जमीन चली जाएगी

    Next…
    Uniform civil code – आजादी चली जाएगी..
    Population बिल – इंसानियत चली जाएगी…. लहसून अदरक प्याज और भी कुछ है तो बताओ

    ये सावन के अंधे है सब हरा ही हरा दिखाई देगा इन्हें .

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